Bear Grylls Biography in Hindi | Man vs Wild | Life Story हिंदी में

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दोस्तों परिस्थितिया चाहे कितनी भी विपरीत हो उनसे लड़ना और उनसे जीतना Bear Grylls से बेहतर शायद ही कोई जानता होगा तपता रेगिस्तान हो या चाहे बर्फीले पहाड़, घने जंगल हो या समुद्री तूफान बेयर ग्रिल्स ऐसी किसी भी भोतिक विपरीत परिस्थतियो से निपटने में माहिर है

दोस्तों बेयर ग्रिल्स भोतिक विपरीत परिस्थतियो से निपटने में तो माहिर है ही लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे है बेयर ग्रिल्स अपने जीवन की कठिन विपरीत परिस्थितियों से निपटने में कैसे कामयाब हुए तो आईये जानते है बेयर ग्रिल्स के बारे में उनकी बायोग्राफी के जरिये

7 जून 1974 को नोर्थें आयरलैंड में जन्मे बेयर ग्रिल्स का असली नाम ”Edward Michael Bear Grylls” है  जब एडवर्ड छोटे थे तब उनकी बहिन उनको प्यार से bear कहती थी

जिसे बाद में उन्होंने अपनी पहचान बना ली बेयर बचपन से ही एडवेंचर के शोकिन थे उन्हें माउंटेनियरिंग और समुद्र में सफ़र करना बहुत पसंद था

वो अपने पिता के साथ एक रॉयल बोर्ड के मेम्बर भी थे कम उम्र में ही बेयर ने स्काई डाइविंग सिख लिया था और साथ ही साथ वो कराटे में ब्लैक बेल्ट भी है बेयर ग्रिल्स माउंट एवेरेस्ट से बहुत ही पैशनेट थे

और इसी वजह से वो हाई स्कूल खत्म होने के बाद भारत आकर इंडियन आर्मी ज्वाइन करना चाहते थे ताकि वो माउंट एवेरेस्ट पर चढ़ाई कर सके

Bear Grylls Biography in Hindi

लेकिन पोलिटिकल कारणों की वजह से ऐसा नहीं हो पाया इसके बाद उन्होंने ब्रिटेन की ख़ुफ़िया एजेंसी MI5 को ज्वाइन करने का निर्णय लिया लेकिन MI5 को ज्वाइन करने के लिए स्पैनिश और जेर्मन भाषा का आना बहुत जरुरी था

तो उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेस्टर्न इंग्लैंड से स्पैनिश और ज़र्मन में पढाई की कॉलेज के दौरान बेयर और उनके दोस्त ने ब्रिटिश आर्मी ज्वाइन करने के लिए टेस्ट दिया उस मुश्किल टेस्ट को केवल बेयर ही पास कर पाए

और 1994 में उन्हें ब्रिटिश आर्मी की 21 SAS रेजिमेंट में शामिल कर लिया गया बेयर सेना में अपनी जांबाजी और यूनिक सर्वाइवल स्किल्स से बहुत पोपुलर हो गये थे

वो सभी सोल्जर से हमेशा बेहतर परफॉर्म करते थे बेयर की ज़िन्दगी में सब कुछ सही हो रहा था लेकिन कहते है ना वक़्त हमेशा एक जैसा नहीं होता है चाहे अच्छा वक़्त हो या बुरा वक़्त

कुछ ऐसा ही बेयर ग्रिल्स के साथ हुआ 1996 में बेयर ग्रिल्स ज़ाम्बिया में एक मिशन के दौरान फ्री फॉल पेराशूटिंग करते 4900 मीटर की ऊँचाई पर उन्होंने पेराशूट खोलना चाहा लेकिन वो पूरी तरह से नहीं खुल पाया

जिसकी वजह से वो गोल गोल घूमते हुए बुरी तरह से चटानो के ऊपर पीठ के बल गिरे ये दुर्घटना इतनी बुरी थी कि उन्हें आर्मी छोड़ना पड़ा उनकी रीढ़ की हड्डी तीन जगह से टूट गयी थी डॉक्टर्स ने साफ़ कह दिया था कि अब वो कभी चल नहीं पायेंगे

हफ्तों और महीनो तक वो बिस्तर पर पड़े रहे कुछ भी करने के लिए उन्हें दुसरो की जरुरत पड़ती थी लग रहा था मानो अब सब कुछ खत्म हो गया है ये वो वक़्त था जिसमे कोई भिः आम इंसान चाहता तो  हार मान जाता लेकिन बेयर किसी और ही मिट्टी के बने थे

उनका शरीर तो काम नहीं कर रहा था लेकिन उनका दिमाग अब भी काम कर रहा था बेयर ने अपने कमरे में माउंटेन एवेरेस्ट का पोस्टर लगवाया और अपने बचपन के सपने को साकार करने का प्लान शुरू कर दिया कई महीनो के ईलाज और प्रशिक्षण के बाद वो फिर से चलने फिरने लगे

यही नहीं इस घटना के 18 महीनो बाद उन्होंने अपने बचपन के सपने को पूरा कर दिखाया और बेयर ग्रिल्स ने 16 मई 1998 को माउंट एवेरेस्ट के शिखर पर चढ़कर 23 साल की उम्र में ब्रिटेन के यंगेस्ट माउंटेनियर बनने का रिकॉर्ड कायम किया

उन्होंने बिना कपड़ो के बाथरूम टब से थेम्स नदी को पार भी किया ताकि वो अपने दोस्त के लिए पैसे जुटा सके

जिसने माउंट एवेरेस्ट पर चढ़ने के दौरान अपना एक पैर खो दिया था अपने इस बुरे दौर से निकलने के बाद बेयर ग्रिल्स ने सोच लिया था कि उन्होंने जो गलतिया की है वो किसी दुसरे के साथ वो गलतिया नहीं होने देंगे और लोगो को सर्वाइवल टिप्स देंगे

बेयर ग्रिल्स जिस show के जरिये पुरे विश्व में पोपुलर हुए उसका नाम MAN v/s WILD था हेलिकॉप्टर से पेराशूट के जरिये कूदना, पैराग्लाय्डिंग करते हुए उतरना, जंगलो में आग से गुजरना, जिंदा बचे रहने के लिए सांप और कीड़े मकोड़े खाना, डीहाइडरेसन से बचने के लिए खुद का पेशाब तक पी जाना, और हाथी के गोबर से पानी पी जाने जैसे कारनामे बेयर ग्रिल्स कर चुके है

जिसे लोग देखकर दंग रह जाते है हम लोगो के लिए महज एक स्टंट हो सकते है लेकिन बेयर कहते है कि ये ज़िन्दगी बचाने के लिए बेहद जरुरी स्किल्स है जिसे वक़्त पर नहीं किया जाये तो जान भी जा सकती है

ठीक वैसे ही हमारी ज़िन्दगी में भी हमे कभी कभी ऐसे निर्णय लेने पड़ते है जिसे लेने में हमे इनिशियली भले ही अच्छा ना लगे लेकिन Ultimetly बाद में हमे समझ आता है कि वो एक सही decision था

बेयर ग्रिल्स ने हिमालय से जुड़ा एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है जो आजतक कोई इंसान नहीं कर पाया है 2007 में हिमालय के ऊपर से पैराजेट पैरा मोटर के जरिये 4400 मीटर की ऊँचाई से उड़ते हुए 9000 मीटर की ऊँचाई पर 0 से -60 डिग्री सेल्सियस तापमान तक बेयर ग्रिल्स पहुच गए थे जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड था इस से पहले 6106 मीटर की ऊँचाई से अधिक कोई भी इंसान पैरामोटर जेट के जरिये उड़ नहीं सका था

इस कारनामे से बेयर ग्रिल्स ने एवेरेस्ट से भी अधिक ऊँचाई पर पहुचने का वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया था जहा कम ओक्सिजन और टेम्प्रेजर की वजह से मौत तक हो सकती थी

इसके अलावा 2008 में अंटार्टिका में विश्व की सबसे उजाड़ ऐसी चोटी पर पहुच कर दिखाया जहा उनसे पहले कोई नहीं पहुच सकता था अपनी इस क्लाइम्बिंग से होने वाली कमाई को उन्होंने चैरिटी में दान दे दिया था

उनके इस कारनामे के दौरान उनके कंधे में चोट भी आई थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इसके बाद उन्होंने लांगेस्ट इंडो फ्री फॉल का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है

दोस्तों ये थी कहानी बेयर ग्रिल्स की जो अपनी सर्वाइवल टिप्स के जरिये दुनिया को सीख दे रहे है उनके show man v/s wild में USA के प्रेसिडेंट भी आ चुके है दोस्तों उम्मीद करता हु आपको यह पोस्ट Bear Grylls Biography in Hindi जरुर पसंद आई होगी अगर आपकी को राय या विचार है तो कमेंट बॉक्स में हमे जरुर बताये

 

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