ऐसे पढ़ोगे तो हर एग्ज़ाम मे टॉपर बन जाओगे || Topper Kaise Bane || Secret Technique जाने हिन्दी मे

ऐसे पढ़ोगे तो टॉपर बन जाओगे | Topper Kaise Bane 

दोस्तो पढ़ाई तो आप लोगों को करनी पड़ती है पर क्या कोई ऐसा तरीका है जिस से की आप उसे हमेशा के लिए याद रख सको। दिमाग की मेमोरी यानि स्मरण शक्ति और आपके समझने की शक्ति एक अलग चीज़ होती है स्मरण शक्ति आपको किसी चीज़ को याद करने मे मदद करती है। पर समझने की शक्ति आपको किसी चीज़ को जानने मे मदद करती है।

अब जब आप किसी चीज़ को अच्छे से जान लेते है तो आप उसे कभी भूलते नहीं हो, जान लेते हो से मतलब की आप उसे समझ लेते हो। ये तो बहुत जानी-मानी बात है कि आपको पढ़ते समय किसी चीज़ को रटना नहीं है बल्कि उसे समझना चाहिए। अब तक जो मैंने आपको बताया उसका साफ मतलब यही है कि समझना और उसे याद करने मे बहुत फर्क है और दोनों अलग-अलग चीज़े है।

topper kaise bane

जब आप किसी चीज़ को समझते हो तो आप उसे चाहकर भी भूल नहीं पाओगे पर अगर याद करोगे तो भूल जाओगे। लेकिन पढ़ाई मे आपने देखा होगा कि कभी –कभी कोई चीज़ समझ नहीं आती लेकिन जब आप उसे याद भी करते हो तो थोड़ी देर के लिए ऐसा लगता है कि हाँ आपको समझ आ गया है आपको लगता है कि इसे ऐसे करना है, फिर ऐसे करना, फिर ऐसे ।


आप इन स्टेप्स को रट लेते हो पर कुछ दिन बाद आप उसे भूल जाते हो। तो जो मैंने कहा उसका सीधा-सीधा मतलब ये है कि आप उस तरह से नहीं पढ़ रहे हो जिस तरह से आपको पढ़ना चाहिए। रटने के लिए तो आप किसी भी तरह से पढ़ सकते हो लेकिन समझने के लिए और उसे हमेशा के लिए याद रखने के लिए आपको एक सिस्टमेटिक वे यानि आपको एक तरीके से पढ़ना होगा।

लेकिन अभी आप नॉन- सिस्टमेटिक वे यानि यूहि बिना किसी तरीके के पढ़ रहे हो। अगर आप बिना किसी तरीके से पढ़ोगे तो पढ़ाई मे मन न लगना तो जाहिर सी बात है। जिस तरह हर काम करने का एक तरीका होता है बिलकुल वैसे ही पढ़ने कि भी टेकनिक्स होती है यानि एक तरीका होता है।

सब लोग ऐसे ही कहते है कि पढ़ो पढ़ो और पढ़ो लेकिन कोई ये नहीं बताता कि कैसे पढे, कैसे मन लगाए ?

इसका उत्तर यही है कि किसी अच्छे तरीके से पढ़ना अगर अच्छे तरीके से पढ़ोगे तो हर चीज़ को समझोगे और हमेशा के लिए याद रख पाओगे। कुछ टेकनिक्स अच्छी होती है और कुछ बहुत अच्छी,

पढ़ने के बहुत सारे टेकनिक्स है उनमे से एक बहुत ही शानदार तरीका आज आपको बताने जा रहा हूँ  और ये नं॰ वन टेक्निक “THE RICHARD FEYNMAN TECHNIQUE” है इस टेक्निक को महान वेज्ञानिकों मे से एक रेचर्ड फेयनमन ने निकाला था। वो विज्ञान के एक फील्ड जिसका नाम है “QUANTUM ELECTRODYANAMIC” मे इन्होने बहुत बड़ा योगदान दिया था इसके अलावा इन्होने और भी बड़े–बड़े खोज किए है।

पढ़ने के इस तरीके के निर्माता हो 1965 मे Noble Prize भी मिला था और यही इनके ज्ञान और अधभूत बुद्धि का सबूत है। ये एक बहुत अच्छे अध्यापक भी हुआ करते थे और इनकी सबसे बड़ी ख़ासियत किसी भी चीज़ को अच्छे से समझाना थी ये किसी भी कठिन से कठिन टॉपिक को इतने अच्छे और सरल तरीके से समझाते थे कि कोई बच्चा भी अच्छे से समझ जाता था।

रिचर्ड मे समझाने की एक अद्धभूत कला थी इस वजह से उनका निकनेम ही “THE GREAT EXPLAINER” रख दिया गया और वो खुद इस तरीके का इस्तेमाल किसी भी चीज़ को समझने के लिए किया करते थे। और वो जब किसी भी चीज़ को समझ लेते थे तो उसे भूलते नहीं थे। फिर उन्होने इस तरीके को पूरी दुनिया के साथ शेयर किया लेकिन बहुत कम ही लोग उस तरीके को जानते है अब आप उन लकी लोगो मे से एक हो क्योकि पढ़ने के सबसे शक्तिशाली तरीके से अब आप पढ़ने वाले हो।

और ये है वो तरीका –

सबसे पहले तो आपने जिस चीज़ को पढ़ा उसे बार-बार पढ़ो जब तक की आप उसे अच्छे तरीके से समझ न लो। एक बार पढ़ा और आपको वो चीज़ समझ नहीं आई तो इसका मतलब ये नहीं की वो चीज़ आपको कभी नहीं आएगी, कुछ बार पढ़ने के बाद आपको वो चीज़ एक बार समझ मे जरूर आएगी।

आपने किसी भी टॉपिक को अच्छे से पढ़ लिया उसके बाद इस टेक्निक का पहला स्टेप आता है। ये स्टेप उस पढे हुये को और भी अधिक मजबूत बनाने के लिए होता है इस टेक्निक का पहला स्टेप ये है- किसी खाली कागज़ को लो और इस पर आपने जिस टॉपिक को पढ़ा अगर आप उसे हमेशा के लिए याद रखना चाहते हो तो उसे इस पर लिख दो।

आप लोगो को अच्छे से समझ आए इसीलिए मैं न्यूटन का 3 नियम लेता हूँ आप लोगो मे से ज़्यादातर लोगो को पता ही होगा इसीलिए मै पेज़ पर लिख देता हूँ “Newton 3rd Law” = “EVERY ACTION HAS AN EQUAL AND OPPPOSITE REACTION”  मान लो आप किसी दीवार को धकेल रहे हो और जितनी पावर से आप दीवार को धकेलोगे उतनी ही पावर से दीवार भी आप को धकेलेगी और इसके चलते आप एक ही जगह पर रहते हो और ना दीवार खिसकती है और ना ही आप ।

ये न्यूटन का तीसरा नियम मैंने सिर्फ उदाहरण के लिए लिया है दूसरा स्टेप है उस टॉपिक को समझाना मतलब जिस चीज़ को आप समझे हो उसे कुछ लाइंस मे समझाओ यानि बिलकुल अपने तरीके से जो भी समझ मे आए वो 5-6 लाइंस लिख डालो । उस से आपने जो भी सीखा उसे कुछ लाइंस मे लिख डालो मतलब आपने जो भी टॉपिक पढ़ा और समझा है उसे अपनी भाषा मे किसी दूसरे को समझा भी सकते हो।

अगर आप ये चीज़ पढ़ने के बाद भी समझा नहीं पा रहे हो तो इसका मतलब है आपने उसे अच्छे से समझा नहीं है तो आपको फिर से जाकर उसे पढ्ना है और तब तक पढ्ना है जब तक की आप वो चीज़ किसी दूसरे को समझने के लिए सक्षम न हो जाओ।

अल्बर्ट आइन्स्टाइन ने कहा था “IF YOU CAN’T EXPLAIN SIMPLY, YOU DON’T UNDERSTAND IT WELL ENOUGH”

आप उस टॉपिक को कुछ बार पढ़ लो कि आप उसे समझा पाओ उसके बाद आप उसे सीधी भाषा मे लिखने की कोशिश करो। अगर आप समझ गए होंगे तो आप ये लिखोगे।


न्यूटन का तीसरा नियम ये कहता है कि “प्रत्येक क्रिया की उसके बराबर या उसके विरूद्ध दिशा मे प्रतिक्रिया होती है”

इसके बाद है तीसरा स्टेप मतलब अपनी गलतियों को पहचानना। पिछले स्टेप मे जो आपने किया वो आपने एक समझाने के तरीके से लिख डाला। अब तीसरी स्टेप मे आपको देखना है कही आप गलत तो नहीं समझा रहे हो अगर गलती लग रही हो औ समझाने मे कुछ दिक्कत आ रही हो तो फिर से जाके उसे पढ्ना होगा।

अगर आप उसे अच्छे से समझा सको तो इसका मतलब आप उस चीज़ को अच्छे से समझ चुके हो।

लेकिन आख़री स्टेप जो सबसे महत्वपूर्ण है वो ये कि उस टॉपिक को सरल भाषा मे समझाना है। पिछली वाली स्टेप थी उसमे आपने समझाया था लेकिन अब बारी आती है उस टॉपिक को और भी सरल भाषा मे समझाने की । ये सरल भाषा बहुत जरूरी है आपको ये सोचना है कि जैसे आपके पास आपका (काल्पनिक)दोस्त बैठा है और उसे उस टॉपिक के बारे मे कुछ नहीं पता है । अगर आप नॉर्मल भाषा मे समझाओगे तो शायद वो ना समझे लेकिन अगर आप जितनी सरल भाषा मे समझाओगे तो वो जरूर समझ जाएगा। आपको उस काल्पनिक व्यक्ति को समझाना है।




अब जैसे न्यूटन के तीसरे नियम को एक बच्चे को सरल भाषा मे समझाना है तो हम उसे बताएँगे कि “अगर आप किसी चीज़ पर ज़ोर लगाओगे तो वो चीज़ भी उतनी ज़ोर से वापस धकेलेगी ”।

अब प्रत्येक क्रिया या प्र्तिक्रिया से तो अच्छा है ना ज़ोर लगाओगे या धकेलोगे जैसे सरल शब्द । इस तरह से कोई भी व्यक्ति उस चीज़ को पूरी तरह से समझ सकता है तो ये स्टेप सबसे काम का स्टेप है। पढ़ाई मे जितनी सरलता हो उतना अच्छा होता है और सरल भाषा से समझी हुयी चीज़ को आप चाहकर भी भूल नहीं सकते हो। और ये Scientifically साबित किया हुआ है कि आप सरल भाषा से उन्ही चीजों को समझा सकते हो जिस चीज को आप एकदम अंदर तक समझ चुके हो।

ये तकनीक सिर्फ विज्ञान से ही जुड़ी किसी चीज़ को समझने तक सीमित नहीं है आप इसे किसी भी चीज को समझने के लिए इस्तेमाल कर सकते हो चाहे वो किसी भी चीज से जूड़ी हुयी क्यू ना हो।

इस तरीके का सबसे बड़ा फायदा ये है कि जो भी आप पढ़ते हो वो आपके लॉन्ग-टर्म मेमोरी मे जाती है और वो चीज़ आपको सालों तक याद रहती है। इस तरीके को इस्तेमाल करो हर कुछ को समझने के लिए और आप ये जरूर देखोगे कि आपके हर एग्ज़ाम मे अच्छे मार्क्स आएंगे।

दोस्तों उम्मीद है आपको ये लेख जरूर पसंद आया होगा आप अपनी राय या विचार कमेंट के माध्यम से जरूर शेयर करे।


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