Twitter Success Story In Hindi – Motivational Story

नमस्कार दोस्तों!  आपका फिर से स्वागत है hindiasha.com की नयी पोस्ट “Twitter ट्विटर Success Story In Hindi”

twitter success story

दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है जैक डोरसे के बारे में जो ट्विटर के CEO और को-फाउंडर है जैक डोरसे का जन्म 1976 में सेंट लुईस,USA में हुआ था वे बचपन से ही काफी जिज्ञासु और शांत स्वभाव के लड़के थे वे बचपन में टेनिस टीम में थे

उन्हें ड्राइंग करना, आर्ट बनाना और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में काफी दिलचस्पी थी 13 वर्ष की आयु में उन्होंने टैक्सी कंपनियों के लिए सॉफ्टवेयर बनाये जो काफी कारगार साबित हुए तब उनके शब्द थे “बस मै तो खेल रहा था की एक शहर कैसे काम करता है” और उन्होंने इसी खेल ही खेल में आगे चलकर एक विश्व्यापी कम्पनी खड़ी कर दी

कुछ लोगो का कहना है कि ट्विटर का आईडिया एक टैक्सी ड्राईवर से बात करते वक़्त आया था क्योकि टैक्सी ड्राईवर जब बात करते थे तो वो छोटी-छोटी बाते कोड वर्ड में बोलते थे जैसे- कहा जाना है? क्या करना है? आदि


जैक ने करियर की शुरुआत में डिस्पैच मैनेजमेंट कोड सर्विस ज्वाइन की वहा काम करते समय उन्होंने Company Security System को हैक किया और कंपनी के मेनेजर को मेल किया की इस खामी को कैसे दूर किया जा सकता है इसके बाद कंपनी ने उनको इनफार्मेशन सिस्टम टीम में हायर कर लिया यह पर उन्होंने SMS के बारे में विस्तार से सिखा जिसने की बाद में उनके जीवन को बदल दिया

आगे के कुछ सालो में उन्होंने टैक्सी और एम्बुलेंस कारो के सॉफ्टवेर बनाये लेकिन उन्हें 2000.com की वजह से नौकरी से हाथ धोना पड़ा फिर उन्होंने 5 साल तक फ्रीलान्स के तौर पर काम किया बाद में डोरेस ने ODEO कंपनी को ज्वाइन किया

एक दिन जैक ने प्लेग्राउंड में मक्सिकां फ़ास्ट फ़ूड खाते समय अपनी टीम को SMS सर्विस के बारे में बताया और कहा कि हम अपनी कंपनी के लिए SMS सर्विस बनाते है जिसको यूज करके एम्प्लोयी online मेसेज को शेयर कर पाएंगे जैक और उनके फ्रेंड को इसको बनाने में 2 सप्ताह का समय लगा और कंपनी के इंटरनल यूज के लिए ट्विटर तेयार हो गया था

ट्विटर एक नया विचार था लेकिन इसके लिए एक कंपनी स्थापित नहीं हुयी थी ODEO के मालिक जैक डोरेस के साथ मिलकर काम शुरू कर दिया और इसका नाम Twitter रख दिया जैक ने ट्विटर का शाब्दिक अर्थ – “बड़ी जानकारी को छोटे शब्दों में दिखाना”
Twitter मार्च 2006 में शुरू हुआ था जैक डोरसी ने अपना पहला ट्वीट “Just Setting Up My Twitter” लिखा था शुरुआत में यह सुविधा ODEO कंपनी के कर्मचारियों तक ही सिमित थी लेकिन जुलाई 2006 में पहला Public Version लांच कर दिया गया


शुरू में इसका नाम ट्विटर नहीं था उस वक़्त ये ODEO कंपनी का ही हिस्सा था अक्टूबर 2006 में डोरसी और ODEO के कुछ सदस्यों ने Obivious Corporation की स्थापना करके ODEO की सारी सम्पति खरीद ली जिसमे ODEO.com और Twitter.com भी शामिल था अप्रैल 2007 में जैक नोवा गिलास, इवान विलियम और बीजी स्ट्रोक ने इसकी स्थापना की

इसका मुख्य ऑफिस सैंड प्रांसिस्को में है बेशक कंपनी कम समय में काफी लोकप्रिय हुयी लेकिन हर नई चीज़ की शुरुआत करने में संघर्ष करने पड़ते है नई चीजों को लोकप्रिय बनाना सबसे बड़ी मुश्किल होती है शुरू में ट्विटर की विकास दर बहुत धीमी थी

2007 में शुरू के 3 महीनो में सिर्फ 4 लाख ट्वीटस भेजे गए कंपनी की लोकप्रियता में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब जब साउथ by साउथ वेस्ट की interactive कांफ्रेंस हुयी ट्विटर के कर्मचारीयो ने कांफ्रेंस हॉल में 60 इंच के 2 प्लाज्मा स्क्रीन लगा दिए जिनपर लगातार ट्विटर सन्देश चल रहे थे कांफ्रेंस में आये सेकड़ो लोगो ने ट्विटर द्वारा एक दुसरे को सम्पर्क साधा कांफ्रेंस में उपस्थित सभी लोगो को ट्विटर ने काफी प्रभावित किया

कंपनी को लोकप्रिय बनाना ही काफी नहीं था कई अंदरूनी समस्याए भी थी ट्विटर नई कंपनी नहीं थी बल्कि ODEO कंपनी का पुनर्घटन करके बनाया गया था क्योकि सीईओ बनने के बाद डोरसी बाकि लोगो से काफी ऊपर आ गये थे

इसलिए बाकि कर्मचारीयो का मनोबल गिर गया जब ट्विटर प्रसिद्ध होने लगा तब भी मुश्किलें आती रही बस उनका रूप बदल गया ट्विटर का ट्रैफिक दिनों दिन बढ़ता जा रहा था उसे संभालना मुश्किल होने लगा हर दिन सर्वर क्रेश हो रहे थे जहाज डूब तो नही रहा था लेकिन बुरी तरह से आगे बढ़ रहा था

कंपनी के विकास में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब यूनियन स्केवाल्ल वेचर्स ने इसमें 5 मिलियन डॉलर का निवेश किया तब तक जैक शोक-शोक में ये काम कर रहे थे लेकिन निवेश के बाद ही वे इसे व्यवसायिक तौर पर समझने लगे शुरू में ट्विटर का मकसद आमदनी कमाना नहीं बल्कि सदस्य संख्या बढ़ाना था ट्विटर का धेय्य “विकास पहले, आमदनी बाद में” था

2011 तक निवेशको ने ट्विटर में 57 मिलियन से अधिक का निवेश किया था जैक डोरसी का कहना है कि आज ही शुरू करे और सफलता रातो रात नहीं मिलती हर बिज़नस को ऊँचा उठाने के लिए समय लगता है बस जोशीले बने और संसार को बदलने का लक्ष्य रखे, सफलता आपके कदमो में खुद-ब-खुद आएगी

उम्मीद करता हु दोस्तों आपको ट्विटर की ये सक्सेस स्टोरी जरुर पसंद आई होगी आप अपनी राय या विचार कमेंट के माध्यम से जरुर बताये



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